भारत ने किया चंद्रयान-3 को लॉन्च

.                    भारत के लिए ईतना महत्वपूर्ण क्यों है, चंद्रयान-3 मिशन                                                                                                                                                                                                                भारत ने किया चंद्रयान-3 को लॉन्च

  • भारत के चंद्रयान 3 चंद्रमा के दक्षिण दिशा में  उतरेगा जिसका जानकारी पूरी दुनिया के बैज्ञानिक
  • के पास नही है और दक्षिण दिशा में चाँद पर पानी और खनिज संपदा मिलने के असार है
  • अगर भारत इस मिशन में सफल हो जाता है तो भारत का अंतरीक्ष के दुनिया में एक अलग नाम हो जायेगा
  • आपको बता दे की चंद्रयान 3 अगर सफल होता है तो पूरी दुनिया भारत के (स्पेस  प्रोग्राम की ओर अकर्सित होगी जिससे भारत को एक नई पहचान मिलेगी
  • वर्ल्ड कम्मुनिटी में भारत की ( ISRO Indian Space Research Organisation ) को leading-spacefaring nation में अलिबेट करने में मदद मिलेगी
  • Moon का  south-pole 4.5km का Shachleton Creater से बना है इस गड्डो पर अरबो सालो से सूर्य का प्रकाश नहीं पंहुचा है जिसके चलते यहाँ का तापमान -267f temperature है यहाँ  पर हाइड्रोजन के होने के चलते यहाँ पर पानी की मात्र भी हो सकती है
  • यहाँ पर अनुमान लगाया जा रहा है की  100 मिलियन टन crystallised water Resource की मौजूदगी हो सकती है, साथ में यहाँ पर अमोनिया,मीथेन,सोडियम,मरकरी,सिल्वर मिलने का अनुमान है
  • अमेरिका,रूस,चाइना,जापान,यूरोपियन अंतरिक्षसंस्था भी चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने की कोशिश कर रहे है
  • अगर बात चंद्रयान-3 के कुल लागत खर्च की करे तो इसमें 610 करोड़ लगा है जो की बाकि देशो को मून मिशन  के मुकाबले बहुत ही कम है
  • चंद्रयान-3 ISRO का वह मिशन है जो मून को एक्सप्लोर करने के लिए समर्पित है
  • 2008 से चंद्रयान की सुरुआत की गयी थी 22 oct 2008 श्रीहरीकोटा के सतिशधवान अंतरीक्ष केंद्र से किया गया था देखा जाये तो भारत सफलतापूर्वक चाँद का लैंडिंग किया और  यही वह मिशन था जो चाँद पर पानी की खोज की,इस मिशन के जरिये भारत चाँद पर पहुचने वाला दुनिया का चौथा देश बना लेनिक साल 2009 में इसरो से चंद्रयान-1 का संपर्क टूट गया

चंद्रयान-2  22 जुलाई 2019 को चंद्रयान-2 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया जिसमे एक (orbiter) एक(lander) और एक ( rover) के साथ लोच किया गया था इस मिशन में भी भारत चाँद के south pole पर उतरने की कोशिश क्र रहा था लेकिन (Lander,Vikram) चाँद पर पहुचे से पहले लगभग1.5km पर ISRO से संपर्क टूट गया और lander क्रेस हो गया और भारत का चाँद के south pole पर पहुचने का सपना  टूट गया   चंद्रयान-2 के कमी को पूरा करेगा ,चंद्रयान-3

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  • चंद्रयान-3 का theme का ( science of the moon) इसमें भी एक Lander और एक Rover को लगाया गया है जो LVM mark III से लॉन्च किया जायेगा आपको बता दे की चंद्रयान-2 का तीन पार्ट था (Orbiter, Lander, Rover) जबकि चंद्रयान-3 में orbiter को नहीं लगाया गया है क्यों की चंद्रयान-2 का orbiter ही अच्छे से काम कर रहा है   चंद्रयान-3 में सिर्फ Lander और Rover को लगया  गया है क्योकि चंद्रयान-2 का ही Orbiter अभी भी सही से कम कर रहा है

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