भारत ने किया Aditya-L1को लॉन्च

        हालही मे चन्द्रयान 3 के सफल परीक्षण के बाद इसरो ने आज ADITYA L1 को किया लौन्च 

Aditya L1

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  • ADITYA L1 का नाम संस्कृत के शब्द आदित्य पर रखा गया है जिसका मतलन होता (SUN) यानि सूर्य और L1 का मतलब है LAGRANGE POINT
  • सूर्य पृथ्वी के नजदीक होने के कारन बैज्ञानिको में इसकी महत्वा को समझाने का जिगियासा बहुत बहुत ज्यादा रहता है
  • ADITYA L1 को सूर्य और पृथ्वी के के बिच के जगह पर इसको स्थापित किया जायेगा जिस जगह इसको स्थापित किया जायेगा उस जगह को Lagrange points  कहा जाता है इसको lagrange point तक पहुचने में लगभग 120 दिन लगेंगेन                                                                          Lagrange point अंतरीक्ष के वे स्थान है जहा पर भेजी गयी वास्तु वही पर रुक जाती है
  • Lagrange point पर दो बारे द्रव्यमान का गुर्त्वाकर्षण खिचाव एक छोटी वस्तु को उनके साथ चलने के लिए आवश्यक सेंत्रीपेटल बल के बराबर होता है
  • अंतरीक्ष में इन बिन्दुओ का उपयोग अंतरिक्ष यान द्वारा स्थति में बने रहने के लिए आवश्यक इंधन की खपत को कम करने  के किया  जाता है                                                                                   Lagrange point  अंतरीक्ष में स्थित बे स्थान है जहा सूर्य और पृथ्वी जैसी दो पिंड प्रणालिया के गुर्त्वाकर्षण बल आकर्षण और प्रतिकर्षण के उन्नत क्षेत्र उतपन्न करते है
  • Lagrange point  का नाम फ्रांसीसी गणितज्ञ “जोशेफी-लुई लैंग्रेंज के सम्मान में रखा गया है पृथ्वी सूर्य प्रणाली का L1 बिंदु सूर्य का निर्वाध्य दृश्य प्रदान करता है और वर्तमान में सौर और हेलिओश्फेरिक वेधसाला उपग्रह SOHO का घर है                                                                    पृथ्वी सूर्य प्रणाली L2 बिंदु WMAP अंतरिक्ष यान का घर है प्लैक का वर्त्तमान घर और “जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप”का भविष्य का घर था
  • सूर्य को अध्यन करना इतना क्यों महत्वपूर्ण है                                                                        प्रथ्वी और सौर मंडल के बहार के ग्रहों सहित प्रत्येक गृह विकसित होते है और यह विकास उसके मूल तारे द्वारा नियंत्रण होता है सौर मौसम और पर्यावरण जो सूर्य के अन्दर और उसके आसपास होने वाली प्रक्रियाओं से निर्धारित होता है पूरा सिस्टम के मौषम को प्रभावित करता है                                      इस मौसम में बदलाव उपग्रहों की कक्षाओ को बदल सकते है या उनके जीवन को छोटा कर सकते है जहाज पर इलेक्ट्रॉनिक्स में हस्तक्षेप या क्षति पंहुचा सकते है और पृथ्वी पर बिजली ब्लैकआउट और अन्य गर्बरी के कारन बन सकती है                                                                                           अंतरीक्ष के मौषम को समझने के सौर घटनाओ का ज्ञान महत्वपूर्ण है  
  • प्रत्येक तूफान जो सूर्य से निकलता है और पृथ्वी की और जाता है L1 से होकर गुजरता है और सूर्य पृथ्वी प्रणाली के L1 के चारो ओर प्रभामंडल कक्षा रखे गये उपग्रह को बिना ग्रहण को सूर्य को लगातार देखने का लाभ प्राप्त होता है
  • ARIES(Aryabhatta Reseach Institute Of Observational Sciences) अग्रणी अनुशंधान संस्था में से एक है जो अवलोकन सम्पंधित खगोलीय विज्ञानं खगोलीय भौतिकी वावुमंडलीय विज्ञानं में विशेषज्ञता रखता है 
  • खगोलीय विज्ञान और खगोलीय भौतिकी प्रभाक के मुख्या अनुसंधान हित और ग्रहीय तारकीय गैलेक्टिकऔर एक्स्ट्रा गैलेक्टिक खगोल विज्ञान में है  जिसमे तर्किये परिवर्तनशील एक्सरे बय्नेरिज स्टार कलक्टर पास की आकाशगंगाए क्वसक और सुपरनोवा और अत्यधिक उर्जावान गामा जैसी स्वभाविक रूप से क्षणिक घटनाये सामिल है/

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